क्या आप जानते है, LED Bulb सफ़ेद रोशनी क्यों देता है | जानिए यहाँ Gk Update In Hindi

LED Bulb सफ़ेद रोशनी कैसे  देता   है – दोस्तों आप लोगो ने तो सुना ही होगा , जापानी मूल के अमेरिकन वैज्ञानिक ‘शुजी नाकामुरा’ और   जापानी वैज्ञानिक ‘इसामु अकासाकी’ व ‘हिरोशी अमानो’ को Blue  LED के अविष्कार के लिए  वर्ष 2014 का भौतिकी के क्षेत्र में  नोबेल पुरुष्कार दिया गया है।  दोस्तों इस नीले एलईडी बल्ब  को बनाने के लिए  कई वैज्ञानिक  पिछले 30-40 साल से  कोसिस कर रहे  थे। इसके निर्माण से सफेद एलईडी बनाना संभव हो पाया है।

Led Bulb
Led Bulb

LED फीचर्स – Light Emitting Diode – LED का  पूरा नाम  है। यह रोशनी का मुख्य  स्त्रोत है, साथ ही ELECTRONIC उपकरणों के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता  है,  इसका प्रयोग बहुत सारी तकनीकों में किआ जाने लगा  है, 1968 में इसका पहला सफल निर्माण किया  गया , दोस्तों इसकी  Starting 1927 से ही शुरू हो गई थी। सामान्य बल्ब वायर फिलामेंट की वजह से रोशनी देता है, जबकि सेमीकंडक्टर  में इलेक्ट्रिक  current  पहुंचने से एलईडी प्रकाशित होता है।

भौतिकी के क्षेत्र  में उन्नति

LED बल्ब ने   इस भौतिकी के क्षेत्र में NOBEL  पुरस्कार Blue LED  बल्ब के  अविष्कारक को दिया गया  है।  यह Blue LED बेहद खास है और इसके अविष्कार से विज्ञान जगत को काफी फायदा  भी  मिल रहा है। blue एलईडी के अलावा पहले से मौजूद लाल और ग्रीन LED  भी अपनी तेज रोशनी से लोगों को प्रकाश देती  हैं।

कहा से बनती  है LED की   सफेद रोशनी

दोस्तों आप लोगो ने RGB  COMBINATION के बारे में सुना होगा ,  आरजीबी कॉम्बिनेशन मतलब रेड , ग्रीन  और ब्लू तीनो  को जब एक साथ मिलाया  जाता है इसमें WHITE रंग  तैयार होता है। सफेद रोशनी के लिए भी यही आरजीबी फॉर्मूला लागू होता है। लाल और हरे एलईडी का अविष्कार तो काफी पहले हो चुका था, लेकिन नीले एलईडी के नहीं होने की वजह से सफेद रोशनी का बनना मुश्किल था। अब जब नीले एलईडी का सफल अविष्कार हो चुका है तो आसानी से सफेद एलईडी बल्ब बनने लगा है। यह सफेद एलईडी बल्ब आधुनिक तकनीकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।

TECHNOLOGY  जगत में  एलईडी-

आज अधिकांश तकनीकों में एलईडी का इस्तेमाल होता है। सामान्य लाइटिंग के अलावा इंडिकेटर, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, एलईडी टीवी, एलसीडी टीवी, बाइक व कार के हेडलैंप्स, स्ट्रीट लाइट, एविएशन लाइटिंग, ट्रैफिक सिग्नल, कैमरा, एक्वेरियम और अन्य कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इसका उपयोग किया जा रहा है।

कुछ ख़ास बाते LED बल्ब के बारे में

दोस्तों आप लोगो ने पड़ा होगा , कि   सामान्य बल्ब से आपको  बिजली के झटके लगने के ज्यादा चांसेस  है LED मात्र एक ऐसा बल्ब है जिससे कभी भी कोई भी झटका नहीं लगता। क्योंकि दोस्तों  इसमें शॉक रेसिस्टेंस पावर होता है। दोस्तों मर्करी वायु प्रदूषण का  मुख्य कारण है, CFL बल्ब में इसका उपयोग  होता है, इस वजह से इसे प्रदूषण का मुख्य कारण माना जाता है। लेकिन लेकिन दोस्तों LED  में हानिकारक मर्करी का उपयोग नहीं होता और दोस्तों  यह बहुत ही  ईकोफ्रेंडली माना जाता  है।

दोस्तों क्या आप जानते एक साधारण बल्ब से पांच गुना अधिक और सीएफएल बल्ब से भी काफी तेज रोशनी देता है एलईडी। एलईडी बल्ब 25 हजार घंटे से एक लाख घंटे तक आसानी से जलता है। यह इतना अधिक समय है कि सालों-साल तक अपनी रोशनी दे सकता है, जबकि सीएफएल बल्ब 10-15 हजार घंटे और सामान्य बल्ब मात्र एक से दो हजार घंटे तक जल सकता है।

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